Wednesday, January 18, 2012

छेड़छाड़ करने पर की हत्या

टीटी नगर में छेड़छाड़ के बाद हत्या का मामला
दोस्त की बहन के साथ छेड़छाड़ करना एक युवक को उस समय महंगा पड़ गया, जब उसने शराब के नशे में उसकी बहन के बारे में अपशब्द कह दिए। फिर क्या था, दोस्त ने दो सथियों के साथ मिलकर चाकू से उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। अभी आरोपी सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं...
मनोज राठौर
रोजाना की तरह टीटी नगर स्थित शास्त्री नगर निवासी मनोरमा पत्नी स्व. बीएल शर्मा (50) 17 जून 2011 की सुबह एमएलबी कॉलेज चली गर्इं। वह कॉलेज में बतौर लैब टेक्नीशियन हैं। घर पर उनका इकलौता बेटा जीत शर्मा (21) था, जबकि उनकी बेटी बीबीए की पढ़ाई कर रही है। वह शुरू से शास्त्री नगर स्थित अपने दादा-दादी के पास रहती थी। इस दौरान मनोरमा भले ही लैब में विद्यार्थियों के साथ काम कर रही हों, लेकिन उनका मन घर पर लगा हुआ था। वह रोजाना की तरह कॉलेज से ससुराल न जाकर शाम छह बजे सीधे घर चली आईं। वह घर के दृश्य को देखकर थोड़े देर के लिए चौंक गई। उन्होंने देखा कि बेटा जीत, उसके दोस्त सोनू और अरविंद बरामदा बगीचे के फर्श की धुलाई कर रहे है। मनोरमा ने जीत से पूछा कि यह साफ-सफाई क्यों की जा रही है। इस पर जीत चौंक गया और उसने तोतली जवान से कहा कि कुछ नहीं फर्श गंदा हो रहा था, इसलिए उसे साफ कर दिया। इसके बाद जीत साथियों के साथ कन्नी काट कर घर से बाहर चला गया। अगले दिन उसने दादा-दादी को अपने घर के गैरेज की चाबी दी और रफूचक्कर हो गया।
आखिर क्या हुआ था उस दिन
17 जून की सुबह मनोरमा के कॉलेज जाने के बाद जीत ने दोस्त दिनेश मीणा, सोनू और अरविंद को घर पर बुलाया। घर पर बैठकर उन्होंने जमकर शराब पी। इस दौरान जीत और दिनेश के बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बड़ा की, दिनेश ने गुस्से में जीत के हाथ और पैर पर बीयर की बोतल मार दी। इस पर आग बबुला हुए जीत ने सोनू और अरविंद के साथ मिलकर नशे में धुत दिनेश की चाकू से गोंदकर हत्या कर दी। उन्होंने जब तक दिनेश पर हमला किया, तब तक उसकी जान नहीं निकल गई। पहले उन्होंने लाश को घर के बाहर किसी सूनसान इलाके में ठिकाने की योजना बनाई, लेकिन कॉलोनी में आवाजाही तेज होने के कारण उनकी योजना फेल हो गई। इसके बाद जीत ने सोनू और अरविंद की सहायत से लाश को गैरेज में रखे लोहे के ड्रम में छुपा दिया था।
इसलिए की हत्या
घटना के अगले दिन जीत गैरेज की चाबी दादा-दादी को देकर दोस्त सोनू के साथ ग्वालियर आ गया था। वह छह दिनों तक ग्वालियर में रूके, लेकिन मुखबिर की सूचना पर क्राइम स्क्वॉड ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। प्रारंभिक पूछताछ में वे आनाकानी करने लगे, लेकिन एएसपी अमित सांघी के द्वारा बरती गई सख्ती के बाद उन्होनें दिनेश की हत्या करना स्वीकार की। जीत ने पुलिस को बताया कि दिनेश कॉलेज आते-जाते उसकी बहन को रास्ते में रोककर छेड़ता था। यह बात उसके पता चली, तो उसने दिनेश को सबक सिखाने की ठान ली। घटना वाले दिन भी घर पर शराब पीने के दौरान दिनेश ने उसकी बहन के बारे में अपशब्द कह दिए थे। उधर, जीत पहले से दिनेश से नाराज चल रहा था। फिर क्या था, जीत का दिनेश से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर उसने सोनू और अरविंद के साथ मिलकर दिनेश की हत्या कर दी।
दिनेश की चाय की दुकान
गीताजंलि निवासी दिनेश (23) पीएंडटी स्थित भाई प्रकाश के साथ चाय की दुकान संभालता था। वह गत 17 जून को घर नहीं लौटा था, उसके परिजन ने कमला नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसे आखरी बार प्रकाश ने जीत, सोनू और उसके भाई अरविंद के साथ देखा था। इसके चलते वह उसे ढूंढते हुए जीत के घर पहुंचा। वहां पहले से भीड़ लगी हुई थी, क्योंकि पुलिस ने पड़ोसियों को बदबू आने की शिकायत पर गैरेज में ड्रम के अंदर रखी दिनेश की लाश बरामद कर ली थी। भाई प्रकाश ने बताया कि जीत, सोनू और दिनेश शराब पीने के आदी थी। साथ में शराब पीने के बाद पूर्व में भी उनके बीच कई बार झगड़ा हो चुका था।
जीत कर चुका है, आत्महत्या का प्रयास
टीटी नगर पुलिस के अनुसार जीत आवारा किस्म का लड़का था, पढ़ाई में भी उसका मन नहीं लगाता था। दसवीं में तीन मर्तबा फेल हो चुका है, इस बार भी उसे सप्लिमेंट्री आई थी। वह अक्सर शराब पीकर चौराहे पर लोगों से विवाद किया करता था। बीते साल उसने फिनाइल पीकर आत्महत्या की कोशिश की थी।

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