Sunday, July 03, 2011

छात्र की हत्या

"नशे की हालत में व्यक्ति कितना नीचे गिर सकता है, इसका उदाहरण भोपाल के बिलखिरिया थाना क्षेत्र में देखने को मिला है, जहां भूरा उर्फ बलराम ने नशे की हालत में अपने साथी गोलू को हवस का शिकार बनाया और बदनामी के डर से उसका मुंह दबाकर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने ग्रामीणों की निशानदेही पर आरोपी भूरा को एक फार्म हाउस से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।"
नशे में हैवान (बिलखिरिया)
मनोज राठौर
रायसेन स्थित ग्राम कालदा निवासी हरि सिंह खेती-किसानी करते हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी है। चार साल पहले हरि सिंह ने अपने 10 वर्षीय बेटे गोलू उर्फ गोपाल को पढ़ाई के लिए बिलखिरिया गांव में रहने वाले साढू भाई रमेश सिंह के पास भेज दिया था। गोलू गांव के सरकारी स्कूल में पांचवी का छात्र था। वह पढ़ाई के साथ कभी-कभी जंगल में मवेशी चराने के लिए भी चला जाता था। इस दौरान उसकी दोस्ती भूरा उर्फ बलराम पिता लक्ष्मीनारायण गुर्जर (22) से हो गई। भूरा भी मवेशी चराने की नौकरी करता था।
ऐसा घेरा मौत ने...13 सितंबर की रात नौ बजे गोलू ने घर में खाना खाया और मौसा रमेश से कहा कि वह गांव में गणेश जी की झांकी देखने के लिए जा रहा है। घर लौटने में देरी हो जाएगी। इसके बाद वह गांव की सूनसान गलियों से होता हुआ र्इंट के एक भट्टे के पास पहुंच गया, जहां उसे भूरा उर्फ बलराम मिला। पहले दोनों ने आपस में एक-दूसरे का हालचाल पहुंचा और बाद में भूरा ने शराब पीने की पेशकश की। इसके बाद दोनों र्इंट के भट्टे के पास पहुंच गए, जहां उसने गोलू को जबरन शराब पीला दी। अधिक मात्रा में शराब पीने के कारण भूरा ने अपना आपा खो दिया और गोलू को हवस की निगाहों से पकड़ लिया। पहले उसने गलत काम के लिए उस पर दवाब बनाया था, लेकिन उसके राजी नहीं होने पर उसने गोलू को भट्टे के पास एक गढ्ढे में पटक दिया और उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। इस दौरान जब गोलू ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी परिजन को बताने की बात कही, तो भूरा बौखला गया और बदनामी के डर से उसका मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। गोलू की हत्या करने के बाद आरोपी वहां से भाग निकला।
ऐसे पकड़ाया आरोपी...14 सितंबर की सुबह गांव वालों ने गोलू की लाश र्इंट के भट्टे के पास पड़ी देखी, तो उन्होंने बिलखिरिया पुलिस को घटना की सूचना दी। इस पर तत्काल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भिजवा दिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गांव के कुछ लोगों ने रात को गोलू को भूरा के साथ देखा था। इसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर भूरा की तलाश शुरू की। इधर, मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि आरोपी भूरा सांची स्थित देहली गांव के एक फार्म हाउस छुपा हुआ है। इस पर पुलिस की एक टीम तत्काल मौके पर पहुंची और उसने आरोपी के घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उसने करीब एक घंटे तक दरवाजा नहीं खोला था। हालांकि, पुलिस ने भी उसके घर के सामने ढेरा डाल दिया था। बाद में जैसे ही भूरा दरवाजा खोलकर बाहर निकला, तो पुलिस की टीम ने उसे दबोच लिया।
भूरा था घूमकड़-भूरा मूल रूप से गांव बिलखिरिया थाना अंतर्गत गांव बावड़िया खुर्द का रहने वाला है। उसके पिता लक्ष्मीनारायण ने दूसरी शादी कर ली थी, जिससे उनके दो बच्चे हैं। इनमें भूरा उनका बड़ा बेटा है। हालांकि, बाद में लक्ष्मीनारायण और उनकी पत्नी के बीच अनवन होने लगी और उसकी पत्नी भूरा को लेकर उमरावगंज स्थित अपने घर चली गई। वहां भी भूरा की मां ने दूसरी शादी कर ली। इसके बाद भूरा बेघर हो गया और राजधानी के आसपास के गांव में मेहनत मजदूरी कर पेट पालने लगा।
मवेशी चराता था भूरा-इसी साल भूरा बिलखिरिया गांव में पहुंचा और वहां गांव के गणेश राम गुर्जर के पास मवेशी चराने का काम करने लगा। सितंबर महीने में किसी बात को लेकर उसका विवाद लल्लू नामक युवक से हो गया। विवाद बढ़ने पर वह गांव छोड़कर भाग निकला। इसके बाद वह सांची स्थित ग्राम देहरी के एक फार्म हाउस पर चौकीदारी की नौकरी करने लगा था।

आरोपी भूरा हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद भोपाल से बाहर भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने तत्परता के साथ आरोपी को देहली गांव स्थित एक फार्म हाउस से गिरफ्तार कर जेल भेज दिय था। ललित डांगुर, बिलखिरिया थाना प्रभारी

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